December 2, 2019 Team 0Comment

झारखंड में 30 नवंबर को के चुनाव हो चुके हैं। अब दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों ने फिर से चुनाव प्रचार के चलते रैलियां करनी शुरू कर दी है। आपको बता दें कि 7 दिसंबर को झारखंड में दूसरे चरण के चुनाव के चलते 20 विधानसभा सीटों पर मतदान होने वाला है। आपको बता दें कि झारखंड की 80 विधानसभा सीटें हैं। लेकिन इस बार राज्य की सत्ता भारतीय जनता पार्टी के हाथ से जाने के आसार बन रहे हैं।

बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने गठबंधन तोड़ने के संकेत दिए हैं। 2014 में झारखंड विधानसभा चुनाव बीजेपी, आजसू और एलजेपी ने मिलकर लड़ा था। तब बीजेपी ने 72 सीटों पर, आजसू ने 8 सीटों पर और एलजेपी ने एक सीट पर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 37 सीटों पर, आजसू ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी और एलजेपी हार गई थी।

Jharkhand
Photo by Sumit/karehop via Getty Images

इसके बाद में बीजेपी ने झारखंड विकास मोर्चा के 8 में से 6 विधायकों को तोड़कर पार्टी में शामिल कराया था। उसके बाद भी बीजेपी और आजसू ने पूरे पांच साल सरकार चलाई। आपको बता दें, झारखंड में पांच चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण के लिए 30 नवंबर को मतदान हो चुका है और 23 दिसंबर को नतीजे आएंगे। बीजेपी की सहयोगी पार्टी आजसू ने 12 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी।

जिन 12 सीटों पर आजसू ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। उनमें से 4 विधानसभा सीटों पर रविवार को बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी थी। ये चारों सीटें हैं सिमरिया, सिंदरी, मांडू और चक्रधरपुर। राजनीतिक सूत्रों की मानी जाए तो इस बार इस बार झारखंड बीजेपी काफी कमजोर लग रही है।

Election
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बीजेपी की रैलियों में लोग भारी तादाद में जुट नहीं रहे हैं। वहीँ झारखंड में बीजेपी को मात देने के लिए विपक्षी दल एक हो रहे हैं। इसलिए झारखंड में जीत हासिल करना इस बार बीजेपी के लिए काफी मु’श्कि’ल लग रहा है।

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